न मिलते ये जरुरी न था...उन लम्हों को जीना जरुरी न था।
तुम भी रह लेते मेरे बिना और मैं भी बहुत कोशिश के बाद रह लेती।
लेकिन आज की तरह साथ रहकर तन्हा रोना जरुरी न था...
थोड़ी बेरुखी सह लेते ज़माने की ,पर तुमसे मिलते जरूर हम...
यूँ पास रहकर न मिलना जरुरी न था...
होती शिकायत तो बहुत इस किस्मत से हमको...
पर आज जितनी रूसवाइयां होती...ये जरुरी न था...
हसीं सपने अल्हड उम्र के,मानते कहाँ ये दलीलें हकीकत की...
तब तो दिल को समझना भी उतना जरुरी न था...
चलो यु करते हैं,इक आखिरी वादा भी निभा लेते हैं...
तोड़ देते हैं दिल इक दूसरे का,जो शायद अब जरुरी है,
तब जरुरी न था....
ज्योति...😢
तुम भी रह लेते मेरे बिना और मैं भी बहुत कोशिश के बाद रह लेती।
लेकिन आज की तरह साथ रहकर तन्हा रोना जरुरी न था...
थोड़ी बेरुखी सह लेते ज़माने की ,पर तुमसे मिलते जरूर हम...
यूँ पास रहकर न मिलना जरुरी न था...
होती शिकायत तो बहुत इस किस्मत से हमको...
पर आज जितनी रूसवाइयां होती...ये जरुरी न था...
हसीं सपने अल्हड उम्र के,मानते कहाँ ये दलीलें हकीकत की...
तब तो दिल को समझना भी उतना जरुरी न था...
चलो यु करते हैं,इक आखिरी वादा भी निभा लेते हैं...
तोड़ देते हैं दिल इक दूसरे का,जो शायद अब जरुरी है,
तब जरुरी न था....
ज्योति...😢
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